
Showing posts with label magazine. Show all posts
Showing posts with label magazine. Show all posts
Wednesday, June 24, 2009
Monday, June 22, 2009
MODREN STUDENT
Now a Student is a man of fashion.
Fond of everything except education.
Want to go for movies every day.
Cares not for studies.
Goes on visiting his friends,
Parent’s earned money,
Lavishly he spends.
Wanders’ in collage with no aim,
He respects none, is devoid of shame.
When exam approaches near,
He‘s unable to solve question paper,
Ultimately he fails and looses one year.
Presented By:-Subhash kashyap.
Labels:
magazine
Aspire Now , Adore Now , Achieve Now.
By:-
IEC Students Welfare Association
Kumarsain
Labels:
magazine
प्रकृति और हम
कितने सुंदर कितने प्यारे,
प्रकृति के ये अद्भुत नज़ारे !
ये बहती हुई सुंदर नदिया ,
जो सिखाती है सदा चलते रहना !
ये ऊँचे स्थिर पर्वत और पहाढ़ ,
जो सिखाते है सच्चाई पर अटल रहना !
कोमल हरे पते ,खिलखिलाते फूल ,
जिन्हें देख हम दुःख जाते है भूल !
लहलहाते खेतो को देखकर ,खुश हो जाते है सारे....
कितने सुंदर,कितने सुंदर प्यारे ,
प्रकति के ये अद्भुत नज़ारे !
सब चाहते है नदी ,पर्वतो जैसे बनना ,
कभी न रुकना सदा चलते रहना !
फिर भी हो जाती है हमसे कोई चूक ,
क्यूंकि आदमी को है पैसे की भूख !
प्रकृति सिखाती है हमे मिलकर रहना,
ये बात न हम समझ पाते !
पैसे की चाह नही मिटती ,न मिटती ईर्ष्या ,
लेकिन हम सब मिट जाते !
आओ करे हम सब ये संकल्प ,
हमेशा आगे बढे कभी न हारे !
तभी तो हम कह पाएंगे......
कितने सुंदर ,कितने प्यारे ,प्रकृति के ये अद्भुत नज़ारे !!
POONAM, MDST - IEC K/SAIN
प्रकृति के ये अद्भुत नज़ारे !
ये बहती हुई सुंदर नदिया ,
जो सिखाती है सदा चलते रहना !
ये ऊँचे स्थिर पर्वत और पहाढ़ ,
जो सिखाते है सच्चाई पर अटल रहना !
कोमल हरे पते ,खिलखिलाते फूल ,
जिन्हें देख हम दुःख जाते है भूल !
लहलहाते खेतो को देखकर ,खुश हो जाते है सारे....
कितने सुंदर,कितने सुंदर प्यारे ,
प्रकति के ये अद्भुत नज़ारे !
सब चाहते है नदी ,पर्वतो जैसे बनना ,
कभी न रुकना सदा चलते रहना !
फिर भी हो जाती है हमसे कोई चूक ,
क्यूंकि आदमी को है पैसे की भूख !
प्रकृति सिखाती है हमे मिलकर रहना,
ये बात न हम समझ पाते !
पैसे की चाह नही मिटती ,न मिटती ईर्ष्या ,
लेकिन हम सब मिट जाते !
आओ करे हम सब ये संकल्प ,
हमेशा आगे बढे कभी न हारे !
तभी तो हम कह पाएंगे......
कितने सुंदर ,कितने प्यारे ,प्रकृति के ये अद्भुत नज़ारे !!
POONAM, MDST - IEC K/SAIN
Labels:
magazine
Friday, June 12, 2009
Subscribe to:
Posts (Atom)















IEC KUMARSAIN